Category: Poems

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मेरी आवाज़ – Poem By Prakam Singh Rajpoot

मेरी आवाज़ – Poem By Prakam Singh Rajpoot *मेरी आवाज़*खुद की आवाज़ को बुलंद करके खुद को सुनाना चाहता हूँ।कितना बेसुरा या कितना सुरीला पता नहीं मुझे, मैं तो बस गाना चाहता हूँ।तालियों का मोह […]

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कवित्री का स्वयंवर – Poem By Prakam Singh Rajpoot

कवित्री का स्वयंवर – Poem By Prakam Singh Rajpoot *कवित्री का स्वयंवर*था एक कवित्री का स्वयंवरआये थे उसमें एक से बढ़कर एक धुरंधरनहीं थी कोई बंदिशें क्योंकि ये था कवित्री का स्वयंवरआप तो जानते ही […]